Sunday, June 26, 2011

मैथिली गजल

क्लस्टर बम,प्रक्षेपास्त्र टामहाक हमरे छल
जीवित लहास बनल जे इराक हमरे छल
भारत,सोनार बंग आकि पाक हमरे छल
“एकोहंबहुस्याम”-ई मजाक हमरे छल
एखन भने परमाणु कचरा केर याचक छी
‘विश्वगुरु हम छी’-से वेदवाक् हमरे छल
गांधी छलहुँ जखन हमरे सुराज छल
दागी पर खादी केर झक पोशाक हमरे छल
हमरे ओ मुण्ड छल कटि गेल जे रैजकी सँ
बाजारक बीच पड़ल कान-नाक हमरे छल
हमरे छल डिडिर जे बाँटलक सहोदर केँ
अधरतिया आजादीक ढोल-ढाक हमरे छल
‘अरबिन’रहबैया छी रोगहा समाजक हम
लसनि जेकर लागल अछि से सुजाक हमरे छल

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